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Jaipur. जयपुर। राजस्थान सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने देर रात जारी की गई सूची में 64 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में एसपी स्तर से लेकर डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।
जिलों में बड़े बदलाव
कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 22 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) को बदला गया है। जिन जिलों में नए एसपी की तैनाती हुई है, उनमें प्रमुख रूप से झुंझुनू, बाड़मेर, जयपुर ग्रामीण, पाली, चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, करौली, सलूंबर, सिरोही, बूंदी और बांसवाड़ा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भिवाड़ी के एसपी आईपीएस बृजेश ज्योति उपाध्याय को अब खैरथल-तिजारा एसपी का भी जिम्मा सौंपा गया है। अधिकारियों की यह तैनाती राज्य में कानून व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से की गई है।
कमिश्नरेट में भी बदलाव
सिर्फ जिलों तक ही सीमित नहीं, बल्कि राजधानी जयपुर और जोधपुर कमिश्नरेट में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। जयपुर कमिश्नरेट के पुलिस बेड़े में कई पुलिस उपायुक्त (DCP) को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, जोधपुर कमिश्नरेट में डीसीपी (पश्चिम) की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। इन बदलावों के तहत पुलिस कमिश्नरेट की कार्यशैली में सुधार और फील्ड में अधिक सक्रियता लाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों की तैनाती में रोटेशन और नए नेतृत्व के माध्यम से नागरिकों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यालय और खुफिया तंत्र में फेरबदल
तबादला सूची में केवल फील्ड पोस्टिंग ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण प्रशासनिक इकाइयों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय (PHQ), खुफिया तंत्र (Intelligence) और आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) जैसी संवेदनशील इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। राज्य सरकार की मंशा इन महत्वपूर्ण विभागों को अधिक सक्रिय बनाने की है। इसके जरिए खुफिया तंत्र की क्षमता, आतंकवाद और संगठित अपराध पर निगरानी और कानून-व्यवस्था में सुधार के प्रयास तेज होंगे।
अधिकारी रोटेशन और कानून व्यवस्था
राजस्थान में पुलिस अधिकारियों का रोटेशन और तैनाती एक रणनीतिक कदम माना जाता है। इससे लंबे समय तक जमे अधिकारियों में नवाचार और सक्रियता आती है। इस फेरबदल के जरिए राज्य सरकार का उद्देश्य यह है कि सभी जिलों में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जाए और अपराध नियंत्रण पर कड़ा ध्यान दिया जाए। ऐसे बड़े तबादले अधिकारियों में प्रतिस्पर्धा और जिम्मेदारी का बोध बढ़ाते हैं। नए एसपी और डीसीपी अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए प्रयासरत होंगे।
प्रशासनिक सुधार और जनता का लाभ
राजस्थान सरकार के इस कदम का प्रत्यक्ष प्रभाव जनता पर भी पड़ेगा। नए अधिकारियों के नेतृत्व में जिलों में सड़कों पर सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिस की सघन उपस्थिति बढ़ेगी। इसके साथ ही पुलिस मुख्यालय और खुफिया तंत्र में सुधार से संगठित अपराध और आतंकवाद पर निगरानी अधिक प्रभावी होगी। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारियों को नए कार्यस्थल पर तुरंत जॉइनिंग करनी होगी और उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन नियमित रूप से किया जाएगा।
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